अरमान क्या है…
हर नजरा बदल जाए, वो मेरे हक से चले अगर,
अपने हिसाब से जी लू जिंदगी,
बस पुछ लो वक्त से, उसकी रजा क्या है।।
खुद मर भी जाओ तो गम क्या होगा,
मर जाए सपने अगर दोस्तो,
मत पूछिए फिर, हाल-ऐ-दिल क्या है।।
नींद बमुश्किल भी नहीं आती,
कुछ है जो रात भर जागता है,
पुछु किस से, इस मर्ज की दवा क्या है।।
कोशिश अब भी जारी है, उन्हें पाने की,
हर राज़ बता दू दिल का,
मगर कोई पूछे तो, मेरा अरमान क्या है।।