अक्स – ऐ – मोहब्बत
सारे ज़माने का नशा तेरी झील सी आंखों में है,हमारा जीना – मरना सब, तेरी महकती सासो में है; बेरंग सी जिंदगी हमारी क्यो?, पुछा जब फरिश्तों से,जवाब आया की, दुनिया में रंग भरने का कारोबार तेरे हाथो में है; सूरज भी रोशन है, तेरे चेहरे के नूर से,ये राते काली तेरे घने काले बालों से है; ये बारीश तो बस नाम की है, तूने झटक दिए होंगे गीले बाल कहीं,तेरे लगाएं इत्र की खुशबू, बह रही इन हवाओं में…